歌詞Hum Tere Shahar Mein

Ghulam Ali

最終更新日:: 2017年7月21日
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हम तेरे शहर में आये हैं, मुसाफ़िर की तरह-२ सिर्फ़ एक बार मुलाक़ात का मौक़ा दे दे हम तेरे शहर में आये हैं, मुसाफ़िर की तरह-२

मेरी मन्ज़िल है कहाँ, मेरा ठिकाना है कहाँ सुबह तक तुझ से बिछड़कर मुझे जाना है कहाँ सोचने के लिये एक रात का मौक़ा दे दे हम तेरे शहर में आये हैं, मुसाफ़िर की तरह-२ अपनी आँखों में छुपा रखें हैं जुगनू मैं ने -२ अपनी पलकों पे सजा रखे हैं आँसू मैं ने मेरी आँखों को भी बरसात का मौक़ा दे दे हम तेरे शहर में आये हैं मुसाफ़िर की तरह-२ आज की रात मेरा दर्द-ए-मुहब्बत सुन ले कँप-कँपाते हुये होंठों की शिकायत सुन ले आज इज़्हार-ए-ख़यालात का मौक़ा दे दे हम तेरे शहर में आये हैं, मुसाफ़िर की तरह-२ भूलना था तो ये इक़रार किया ही क्यूँ था-२ बेवफ़ा तूने मुझे प्यार किया ही क्यूँ था सिर्फ़ दो-चार सवालात का मौक़ा दे दे हम तेरे शहर में आये हैं मुसाफ़िर की तरह-२ सिर्फ़ एक बार मुलाक़ात का मौक़ा दे दे हम तेरे शहर में आये हैं मुसाफ़िर की तरह-३

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同期者:Neo kamble
翻訳者:Ineradicable Shaz

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