TestoHamdard

Arijit Singh

Ultima modifica il: 10 febbraio 2019

पल दो पल की ही क्यों है ज़िन्दगी इस प्यार को है सदियाँ काफी नहीं तो ख़ुदा से मांग लूँ

मोहलत मैं एक नयी रहना है बस यहां अब दूर तुझसे जाना नहीं जो तू मेरा हमदर्द है जो तू मेरा हमदर्द है सुहाना हर दर्द है जो तू मेरा हमदर्द है तेरी मुस्कुराहटें हैं ताक़त मेरी मुझको इन्ही से उम्मीद मिली चाहे करे कोई सितम ये जहां इनमें ही है सदा हिफाज़त मेरी ज़िंदगानी बड़ी ख़ूबसूरत हुई जन्नत अब और क्या होगी कहीं जो तू मेरा हमदर्द है जो तू मेरा हमदर्द है सुहाना हर दर्द है जो तू मेरा हमदर्द है वो तेरी धड़कनों से है ज़िन्दगी मेरी ख़्वाहिशें तेरी अब दुआएं मेरी कितना अनोखा बंधन है ये तेरी मेरी जान जो एक हुई लौटूंगा यहां तेरे पास मैं हाँ वादा है मेरा मर भी जाऊं कहीं जो तू मेरा हमदर्द है जो तू मेरा हमदर्द है सुहाना हर दर्द है जो तू मेरा हमदर्द है हमदर्द है हम्म, हमदर्द है हम्म, हमदर्द है हम्म, हमदर्द है

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